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जंतर मंतर ने हिमाचल भाजपा के सपने को छूमंतर कर दिया भाजपा ने सुक्खू सरकार को घेरने की रणनीति बनाई... विशेष संवाददाता शिमला : दिल्ली के जंतर मंतर में चल रहे आंदोलन ने भाजपा के हिमाचल में सरकार बनाने के सपने को छूमंतर कर दिया है। देश भर में चल रहे भाजपा के खिलाफ जेन-जी आंदोलन के चलते राज्यों में भाजपा के कार्यक्रम महज नौटंकी लगने लगी है। प्रदेश इकाई की हालत इतनी दयनीय हो चुकी है कि वह राष्ट्रव्यापी मुद्दों से बचकर भागने लगी है।हिमाचल प्रदेश की भाजपा ने तो यहां तक कह दिया है कि वह कांग्रेस सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरेगी, लेकिन हिमाचल भाजपा के नेताओं की ओर आम जनता का कोई ध्यान नहीं है। पिछले दिनों भाजपा विधायक दल की बैठक में ये फैसला लिया गया कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला जाए। भाजपा ने सरकार पर प्रतिशोध की राजनीति करने का आरोप लगाया है। भाजपा कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, आपदा राहत, कर्मचारियों की देनदारियों और गारंटियों के मुद्दे पर सरकार को घेरने की बात कह रही है। जबकि राष्ट्र स्तर पर पूरी भाजपा छात्रों और युवाओं के आंदोलनों से घिरी पड़ी है। देश में भाजपा विरोधी माहौल के चलते आम लोग भाजपा की प्रदेश इकाइयों से यह बयान चाहती है कि वह जेन-जी आंदोलन के प्रति अपने नजरिए को बताएं। सोशल मीडिया पर हिमाचल प्रदेश के कोने कोने में बैठे युवा प्रदेश भाजपा से जानना चाहते हैं कि वह पेपर लीक, बेरोजगारी और दमनकारी नीतियों के बारे में अपनी स्थिति स्पष्ट करें ताकि कुछ ही महीनों बाद होने वाले विधानसभा चुनावों में प्रदेश का जेन-जी भी यह तय कर सके कि उसे भाजपा को वोट देना है या नहीं। शिमला में आयोजित भाजपा की बैठक की अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने की और प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल विधायक न होने के बावजूद विशेष रूप से उपस्थित रहे। उपरोक्त दोनों नेताओं ने जेन-जी आंदोलन के बारे में कोई स्टीक टिप्पणी नहीं की है। यह आभास भी लोगों को होने लगा है कि कहीं हिमाचल में भी भाजपा दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा की तरह डम्मी मुख्यमंत्री न बिठा दे। हलांकि विधायक दल के नेता जयराम ठाकुर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल और विधायक रणधीर शर्मा सरीखे नेता पूरे जोश में कहते हैं कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने पिछले चुनावों में प्रदेश की जनता से जो वायदे किए थे वह उसे पूरा नहीं कर पाई है। भाजपा प्रदेश सरकार को बेरोजगारी, प्रदेश पर लादे जा रहे भारी भरकम कर्ज और बिगड़ती कानून व्यवस्था सहित अन्य मुद्दों पर घेरती जा रही है। निरंतर चल रही बैठकों के बाद भाजपा के विधायकों, पूर्व विधायकों और प्रतिनिधियों पर झूठे मुकदमे दर्ज करने के मामलों को भी भाजपा ने अपने एजंडा में लिया है और सरकारी एजेंसियों के राजनीतिक दुरुपयोग की निंदा की। भाजपा विभिन्न विभागों में सामने आए भ्रष्टाचार के मामलों को तथ्यों और दस्तावेजों सहित विधानसभा में उठाती रहेगी। साथ ही कर्मचारियों की लंबित देनदारियां, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन, वित्तीय लाभ, युवाओं को प्रतिवर्ष एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा तथा कांग्रेस की अन्य चुनावी गारंटियों को पूरा न करने के मुद्दे को भी जनता के बीच ले जाएगी। फिलहाल भाजपा प्रदेश सरकार के खिलाफ कई मुद्दों को उठा रही है लेकिन उनकी बातों को कोई नहीं सुन रहा है। यदि पूर्व की तरह चुनावी माहौल होता तो भाजपाई इस बात की तैयारी कर रहे होते कि इस बार हिमाचल में सत्ता में आने की बारी भाजपा की है। |
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