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डा. हाब्‍बी को राष्‍ट्रपति मुर्मू से पुरस्‍कार मिला

संगीत नाटक अकादमी पुरस्‍कार मिलना गर्व का विषय...

विशेष संवाददाता

     शिमला : सिरमौर- सोलन के जाने पहचाने चेहरे डा. जोगिंदर हाब्बी को पिछले दिनों राष्ट्रपति के हाथों एक पुरस्कार प्राप्त हुआ। कुछ दिन पहले आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने सभी सहयोगियों का धन्यवाद भी किया। इस उपलब्धि से क्षेत्र की जनता में हर्ष का माहौल है। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में डा. हाब्बी को पुरस्कार प्रदान किया।
     हिमाचल प्रदेश, विशेषकर सिरमौर की समृद्ध एवं विलुप्त होती लोक संस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए समर्पित अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकार डा. जोगिंदर हाब्बी को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से अलंकृत किया गया है। उन्हें हिमाचल के लोक नृत्य ‘नाटी’ के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया है।
     डा. हाब्बी पदमश्री पुरस्कार प्राप्त श्री विद्यानंद सरैक के नाटी पर किए शोध पर अपनी प्रस्तुति करते हैं। वह अपने साथ श्री सरैक को देखकर सदा प्रफुल्लित रहते हैं और अक्सर उन्हीं के साथ मंच पर नजर भी आते हैं। गौर हो कि मूल रूप से जिला सिरमौर की तहसील राजगढ़ के गांव जालग निवासी डा. हाब्बी के नेतृत्त्व में लोक कलाकारों ने सिरमौरी नाटी सहित अनेक पारंपरिक विलुप्त होती लोक विधाओं को पिछले तीन दशकों से अधिक समय से रीमिक्स सिरमौर के रूप में पहचान दिलवाई है। अब कहा जा सकता है कि डा. जोगिंदर हाब्बी के प्रयासों से सिरमौरी नाटी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
     श्री हब्बी के नेतृत्व में सिरमौर के लोक कलाकारों ने देश-विदेश के हजारों मंचों पर सिरमौरी नाटी को पहचान मिली है। इस बारे में उनके प्रयासों को विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रिकार्ड में भी दर्ज उपलब्धियों के माध्यम से मान्यता मिली है। लोक संस्कृति के क्षेत्र में लंबे समय से किए जा रहे उनके योगदान के लिए डा. हाब्बी को विदेश की एक यूनिवर्सिटी से मानद डाक्टरेट की उपाधि मिल चुकी है। डा. हाब्बी और उनके साथ जुड़े कलाकारों ने लोक संस्कृति की मौलिकता को बनाए रखने पर जोर दिया है।

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